नई दिल्ली, जुलाई 2 -- सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा के 16 मकानों को अधिग्रहण से छूट दे दी है। लगभग दो दशकों तक इन मकानों के मालिक अनिश्चितता की स्थिति में रहे। 100 से 200 वर्ग गज के छोटे प्लॉट पर बने ये घर उन परिवारों के थे जिन्होंने सिर पर छत पाने के लिए अपनी सारी बचत लगा दी थी। 2007 से ही ये घर ग्रेटर नोएडा के इंडस्ट्रियल विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए जमीन अधिग्रहण अभियान के साये में थे।19 साल लंबी कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट ने 25 जून को जारी अपने एक आदेश में संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 16 मकान मालिकों के घरों को अधिग्रहण से छूट दे दी। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने बाकी जमीन का अधिग्रहण सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए बरकरार रखा। यह फैसला करीब 1...