अलीगढ़, जनवरी 23 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। सिविल लाइन क्षेत्र में 17 साल पहले एएमयू छात्र की गोली मारकर हत्या के बहुचर्चित मामले में गुरुवार को फैसला आ गया। एडीजे फास्ट ट्रैक द्वितीय तारकेश्वरी सिंह की अदालत ने तीन पूर्व छात्रों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषियों में भी दो छात्र व एक निष्कासित छात्र है। ये हत्या एएमयू छात्रसंघ के अध्यक्ष के चुनाव की रंजिश में की गई थी। एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर व एडीजीसी केएम जौहरी ने बताया कि एएमयू के हबीब हॉल निवासी नबील अहमद ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि आठ अप्रैल 2007 को देररात वह अपने साथी छात्र मुल्ला मुहम्मद साबित अली, मुहम्मद शाहनवाज खां व निजामुद्दीन के साथ हबीब हॉल के सामने ढाबे पर चाय पी रहे थे। तभी दो बाइकों प...