नई दिल्ली, जुलाई 22 -- Guru gochar in ashlesha nakshatra 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में गुरु को शुभता का प्रतीक माना गया है। गुरु धन, संपदा, वैभव, ऐश्वर्य और सामाजिक प्रतिष्ठा के कारक हैं। गुरु समय-समय पर अपनी चाल में बदलाव करते हैं और मेष से लेकर मीन राशि पर अपना प्रभाव डालते हैं। इस समय गुरु पुष्य नक्षत्र में हैं और अगस्त में बुध के अश्लेषा नक्षत्र में आएंगे। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में गोचर 19 अगस्त को होगा और यह 31 अक्टूबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। बुध और गुरु का संबंध सम यानी तटस्थ है। बुध ग्रह गुरु को सम भाव यानी न ही शत्रु और न ही मित्र मानता है। जबकि गुरु की दृष्टि से बुध शत्रु हैं। अगस्त में बुध के स्वामित्व वाले नक्षत्र में गुरु आएंगे, जिससे गुरु पर बुध का प्रभाव होगा। गुरु के अश्लेषा नक्षत्र प...