गोरखपुर, अगस्त 12 -- शहीदों की गाथा-2 -मो. हसन अली, बाबू बंधु सिंह, डुमरी नरेश, सतासी राजा, नरहरपुर राजा सहित अन्य ने अंग्रेजों से लिया लोहा यह भी पढ़ें- देशवासियों में स्वतंत्रता की अलख जगाने में गाजियाबाद का भी योगदान गोरखपुर, निज संवाददाता। अंग्रेजों की मनमानी से हर भारतीय त्रस्त था। वहीं, पूर्वांचल से उठी बगावत की ज्वाला देश के हर हिस्सों तक पहुंच चुकी थी। ऐसे में सन 1857 के दौरान एक बड़ी क्रांति जन्म ली, जिसने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला कर रख दी। बंगाल से उठी इस चिंगारी से पूर्वांचल भी अछूता नहीं रहा। दरअसल, बंगाल की सेना में तैनात ज्यादातर सिपाही पूर्वांचल क्षेत्र से थे। इनके साथ जुड़ी हर छोटी-बड़ी घटना का सीधा असर यहां रह रहे इनके परिवार व संबंधियों पर साफ नजर आता था। स्वाधीनता के इस प्रथम समर में यहां से मो. हसन अली, बाबू बंधु स...