हल्द्वानी, मई 10 -- हल्द्वानी, कार्यालय संवाददाता। भाकपा (माले) ने रविवार को 10 मई 1857 की क्रांति की शुरुआत के दिन के अवसर पर ऐक्टू कार्यालय दमुवाढूंगा में आजादी की पहली लड़ाई की विरासत और आज के दौर की चुनौतियां विषय पर गोष्ठी आयोजित की। वक्ताओं ने कहा कि 1857 की क्रांति ने गंगा-जमुनी हिंदू-मुस्लिम एकता की नजीर पेश की। किसानों, सैनिकों और आम लोगों ने इसी लड़ाई में भारतीय राष्ट्रवाद को जन्म दिया। इस जंगे आजादी ने ब्रिटिश साम्राज्य की चूलें हिला दीं, जिसके बाद अंग्रेजों ने 'फूट डालो और राज करो' की नीति अपनाई। गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि आज भी देश में लोगों को आपस में बांटने की साजिश की जा रही है। यह भी पढ़ें- प्रथम स्वतंत्रता संग्राम दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि देश में नया कंपनी राज थोपा जा रहा है। कॉरपोरेट-साम्प्रदायिक फासीवाद को हराने...
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