लखनऊ, अप्रैल 30 -- बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर समाज से जरूरतमंदों की मदद करने के लिए स्वैच्छिक रक्तदान की अपील की गई है। केजीएमयू ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की अध्यक्ष डॉ. तूलिका चन्द्रा ने 18 से 65 वर्ष आयु वर्ग के लोगों, विशेष रूप से ए और एबी पॉजिटिव रक्त समूह वालों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आमंत्रित किया है। डॉ. तूलिका चंद्रा ने बताया कि रक्तदान से पहले डॉक्टर डोनर की जरूरी जांचें करते हैं। जिससे व्यक्ति अपनी स्वास्थ्य स्थिति से अवगत होता है। नियमित रक्तदान से हृदयाघात का खतरा लगभग पांच प्रतिशत तक कम होता है। बोनमैरों में नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण से शरीर अधिक ऊर्जावान महसूस करता है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...