नई दिल्ली, सितम्बर 17 -- आदित्य सेनगुप्ता के लिए हवाई सफर के दौरान अचानक लगे हवा के झटके (एयर टर्बुलेंस) सिर्फ डराने वाले ही नहीं, बल्कि उत्सुकता पैदा करने वाले भी थे। भारतीय मूल के इस 18 वर्षीय छात्र के मन में सवाल आया कि जब हवाईजहाज मौसम की स्थिति, बादलों, सामने आने वाली रुकावटों या तूफानी इलाकों का पहले ही पता लगा लेते हैं तो फिरआखिरी इन एयर टर्बुलेंस का पूर्वानुमान क्यों नहीं लगा पाते। जो घटना इतनी खतरनाक हो सकती है, उसका अनुमान लगाना अभी भी इतना मुश्किल क्यों है? बस इसी से उन्हें एक एआई बेस्ड सिस्टम बनाने का आइडिया आया जिसका उद्देश्य एयर टर्बुलेंस (CAT) का पूर्वानुमान लगाना था। इसी एक सवाल ने आदित्य को इस रिसर्च की ओर धकेला। हाई स्कूल में रहते हुए उन्होंने किसी भारी-भरकम लैब के बिना, पूरी तरह खुद से एटमॉस्फेरिक साइंस (वायुमंडलीय विज्...