नई दिल्ली, अगस्त 12 -- हरियाणा के एक छोटे से गांव से निकलकर दुनिया के समुद्रों पर जहाजों की कमान संभालने तक का सफर आसान नहीं था। लेकिन कैप्टन हेमंत कम्बोज ने यह साबित कर दिया कि अगर सीखने की चाह और आगे बढ़ने का जज़्बा हो, तो उम्र और परिस्थितियां कभी भी बाधा नहीं बनतीं। महज 18 साल की उम्र में उन्होंने अपने समुद्री करियर की शुरुआत की। कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन और लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने केवल 32 वर्ष की उम्र में शिप कैप्टन का सर्वोच्च पद हासिल कर लिया। यह उपलब्धि अपने आप में असाधारण थी, लेकिन उनके सीखने का सफर यहीं नहीं रुका। जब ऑनलाइन शिक्षा का दौर नहीं था, तब उन्होंने समुद्र में लंबी-लंबी तैनातियों के बीच पत्राचार के माध्यम से अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से डिप्लोमा इन नॉटिकल साइंस किया और इसके बाद 20...