नई दिल्ली, अगस्त 4 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर बनी संयुक्त संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कई अहम सुधारों पर जोर दिया है। समिति ने नए कानून में नियमों को आसान बनाने, कंपनियों में बेहतर कामकाज का माहौल बनाने और भारत के कॉर्पोरेट कानूनों को आधुनिक बनाने के लिए उम्र सीमा में बदलाव को लेकर भी प्रस्ताव दिया है। समिति ने कंपनियों के प्रबंध निदेशक, पूर्णकालिक निदेशक या प्रबंधक बनने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष और अधिकतम आयु 70 वर्ष से बढ़ाकर 75 वर्ष करने की सिफारिश की है। उम्र सीमा में बदलाव किए जाने से भारत में युवाओं के लिए कम उम्र में कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व में शामिल होने के अवसर खुलेंगे। खास तौर पर देश में तेजी से बढ़ रही स्टार्टअप की संख्या के बीच युवा कंपनियों का नेतृत्व कर पाएंगे।...