लखीमपुरखीरी, मार्च 27 -- तेंदुए के हमले में सात साल की मासूम बच्ची की मौत के बाद गम और गुस्सा फूट पड़ा। वन विभाग और पुलिस को बच्ची का शव कब्जे में लेने में 18 घंटे लग गए। पूरी रात से लेकर दोपहर तक परिजन, गांव वाले, किसान यूनियन के लोग शव लिए बैठे रहे। रात से चल रही मान मनौव्वल डीएफओ बफर जोन की मौजूदगी में हुई वार्ता के बाद परिजन मानें। तब कहीं जाकर बच्ची का शव उठ सका। बेलरायां रेंज के फुटहा फार्म निवासी जोगा सिंह की सात वर्ष की बेटी सिमरन को बुधवार रात एक तेंदुआ घर घुसकर उठा ले गया था। करीब 500 मीटर दूर गेहूं-मसूर के खेत में ले जाकर तेंदुए ने निवाला बना लिया। घटना की सूचना के बाद भी वन विभाग के अफसर मौके पर नहीं गए। उनको डर था कि कहीं उनको आक्रोश का सामना न करना पड़ जाए। बच्ची का शव लिए परिजन और गांव वाले बैठे रहे। रात को सीओ शिवम कुमार औ...