औरैया, मार्च 2 -- औरैया, संवाददाता। फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा पर जनपद में इस वर्ष विशेष ज्योतिषीय संयोग के बीच होलिका दहन हुआ। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 1701 स्थानों पर विधि-विधान से होलिका दहन किया गया। भद्रा काल को देखते हुए श्रद्धालुओं ने निर्धारित शुभ मुहूर्त में ही पूजन-अर्चन के बाद अग्नि प्रज्ज्वलित की। आचार्य आशुतोष अवस्थी के अनुसार पूर्णिमा तिथि दो मार्च शाम 5:18 बजे से प्रारंभ होकर तीन मार्च शाम 4:33 बजे तक रही। दो मार्च को निशाव्यापिनी पूर्णिमा तो थी, लेकिन उसी समय भद्रा काल लगने से दिन में होलिका दहन शास्त्रसम्मत नहीं माना गया। भद्रा समाप्ति के बाद रात्रि 12:50 बजे से 2:02 बजे तक शुभ मुहूर्त में लोगों ने होलिका दहन किया। देर रात तक गांव-गांव और मोहल्लों में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन कर परंपरागत तरीके से होल...
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