जयपुर, जून 30 -- एक वक्त चंबल की घाटियों में खौफ का दूसरा नाम रहा जगन गुर्जर 2009 में हजारों लोगों के बीच मेले में हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का दावा कर रहा था, लेकिन किस्मत ने ऐसा मोड़ लिया कि उसकी कहानी फिर अपराध के रास्ते लौट गई।मेले में जब डाकू ने रख दी थी बंदूक चंबल के बीहड़ों में बंदूक की आवाज कभी कानून से ज्यादा असर रखती थी। उन्हीं बीहड़ों का एक बड़ा नाम था जगन गुर्जर। राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की पुलिस के लिए वह लंबे समय तक सिरदर्द बना रहा। लेकिन साल 2009 में एक ऐसा दिन भी आया, जब हजारों लोगों की मौजूदगी में उसने अपने पूरे गिरोह के साथ हथियार जमीन पर रख दिए। करौली के कैमरी गांव में लगे मेले में कांग्रेस नेता सचिन पायलट के सामने जगन गुर्जर ने आत्मसमर्पण किया। उस दिन ऐसा लगा था कि चंबल की एक खूनी कहानी शायद हमेशा क...