बिजनौर, दिसम्बर 16 -- वाहनों की अचानक कमी से स्वास्थ्य विभाग के अधिकांश अफसर और प्रभारी चिकित्साधिकारी व चिकित्सा अधीक्षक पैदल नजर आ रहे हैं। सीएमओ के अधीन तैनात गिनती के अफसरों को छोड़कर ज्यादातर पर वाहन नहीं हैं। एसीएमओ भी वाहन से महरूम हैं। ऐसा शासन के निर्देश पर नीलामी प्रक्रिया के तहत 15 साल से पुराने 17 वाहन स्क्रैप कंपनी द्वारा ले जाने के कारण हुआ है। इन दिनों स्वास्थ्य विभाग के अधिकांश अफसर व पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी तथा सीएचसी के अधीक्षक बिना गाड़ियों के नजर आ रहे हैं। आलम यह है कि एसीएमओ डा. शरण सिंह के पास भी सरकारी कार्यों के लिए कोई वाहन नहीं है। जिला कुष्ठ अधिकारी व कईं अन्य अधिकारियों पर भी वाहन नहीं है। जिला मलेरिया अधिकारी की गाड़ी भी स्क्रैप में जा चुकी है। हर पीएचसी पर पहले अपनी एम्बुलैंस रहती थी, लेकिन अब सीएमओ का...