नई दिल्ली, सितम्बर 16 -- Radha ashtami kab hai 2026: पौराणिक मान्यता के अनुसार श्रीराधा का जन्म भाद्रपद मास में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दोपहर बारह बजे हुआ था। लोक प्रचलित कथा के अनुसार एक दिन गोप वृषभानु नदी में स्नान कर रहे थे, तभी उन्होंने नदी किनारे एक कमल के फूल पर नन्हीं बच्ची को देखा। उन्होंने उसे गोद में उठा लिया और अपनी पुत्री की तरह पाला। एक अन्य किंवदंती के अनुसार राधा वायु रूप में वृषभानु की पत्नी कीर्ति के गर्भ में प्रवेश कर गईं और उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया। जिस स्थान पर उनका जन्म हुआ, वह अब रावल के मंदिर का गर्भगृह है। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार राधा कृष्ण की मित्र थीं और उनका विवाह रायाण वैश्य से हुआ, जिन्हें रापाण और अयनघोष नाम से भी जाना जाता है। यह भी पढ़ें- कल विश्वकर्मा पूजा पर भद्रा का साया रहेगा या नहीं?...