संभल, मई 17 -- सनातन धर्म में विशेष धार्मिक महत्व रखने वाला पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) इस वर्ष 17 मई से प्रारंभ होकर 15 जून तक चलेगा। यह पवित्र मास भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना को समर्पित माना जाता है और धर्मग्रंथों में इसे जप, तप, दान, पूजा और आत्मशुद्धि के लिए अत्यंत पुण्यदायी बताया गया है। ज्योतिषाचार्य पंडित शोभित शास्त्री ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में किए गए धार्मिक अनुष्ठानों का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना, श्रीमद्भागवत कथा श्रवण, विष्णु सहस्रनाम पाठ, तुलसी पूजन, गौ सेवा और जरूरतमंदों को दान देना विशेष शुभ माना गया है। यह भी पढ़ें- आज से शुरु हो रहा अधिक मास, 15 जून को होगा समाप्त उन्होंने बताया कि ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप, गीता पाठ, एकादशी व्रत, दीपदान...