मुंगेर, मई 13 -- ​मुंगेर, निज संवाददाता। सनातन धर्म में शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त का विशेष महत्व है। आगामी 17 मई से अधिमास (मलमास) का प्रारंभ हो रहा है, जिसके साथ ही विवाह, मुंडन, जनेऊ और गृह प्रवेश जैसे तमाम मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। ज्योतिषियों के अनुसार, यह काल भक्ति और उपासना का है, जिसमें भौतिक मांगलिक कार्यों की मनाही होती है।

क्यों आता है मलमास, भौगोलिक कारणः ​अधिमास या मलमास पूरी तरह खगोलीय गणना पर आधारित है। पृथ्वी को सूर्य का एक चक्कर लगाने में लगभग 365 दिन और 6 घंटे लगते हैं (सौर वर्ष), जबकि चंद्रमा पर आधारित चंद्र वर्ष लगभग 354 दिनों का होता है। इन दोनों वर्षों के बीच हर साल 11 दिनों का अंतर आ जाता है। तीन साल में यह अंतर लगभग 33 दिनों का हो जाता है। इसी समय अंतराल को संतुलित करने के लिए हर तीसरे वर्ष पंचांग ...