पीलीभीत, अगस्त 8 -- सोलह साल पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में अभियोजन आरोप साबित नहीं कर सका। स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट अनु सक्सेना ने साक्ष्य के अभाव में दस आरोपियों को बरी कर दिया। एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो जाने के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी गई। 31 मई 2010 को पुलिस ने बिलसंडा थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। रिपोर्ट में 11 लोगों पर क्षेत्र में भय और आतंक का माहौल बनाकर अवैध तरीके से धन अर्जित कर संपत्ति बनाने का आरोप लगाया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने लखीमपुर खीरी निवासी लाल बहादुर, रमेश, कुलदीप और तैयब तथा शाहजहांपुर निवासी राहुल वाजपेई, मुकेश उर्फ बड़े, मंसूर, बलराम शुक्ला, लाला उर्फ आरिफ, राजेश सिंह और अय्यूब के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान बहादुरगंज, थाना तिलहर, शाहजहांपुर निवा...