नई दिल्ली, फरवरी 10 -- हिंदू पंचांग में अमावस्या तिथि को पितरों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है। फाल्गुन मास की अमावस्या विशेष रूप से पवित्र होती है, क्योंकि यह हिंदू वर्ष के अंतिम महीने की अमावस्या होती है। इस दिन पितरों का तर्पण, पिंडदान और दान करने से पितृदोष दूर होता है और वंशजों को सुख-समृद्धि मिलती है। 2026 में फाल्गुन अमावस्या 16 फरवरी की शाम से शुरू होकर 17 फरवरी को समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर यह 17 फरवरी 2026, दिन- मंगलवार को मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य ग्रहण भी पड़ रहा है, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक दृष्टि से कोई अशुभ प्रभाव नहीं माना जाएगा। आइए विस्तार से जानते हैं।फाल्गुन अमावस्या 2026 की सही तिथि और समय पंचांग के अनुसार, फाल्गुन अमावस्या तिथि 16 फरवरी 2026 की शाम 5:34 बजे से शुरू होगी और 17 फर...
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