हाजीपुर, अप्रैल 13 -- भगवानपुर। संवाद सूत्र खरमास 14 अप्रैल को खत्म हो रहा है। इसी दिन सूर्यदेव मीन से निकालकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। 15 अप्रैल को जुड़शीतल का त्योहार मनाया जाएगा। और 16 अप्रैल से मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाएंगे। सूर्य के मेष राशि में गोचर को मेष संक्रांति कहा जाता है। मेष संक्रांति के दिन ही सतुआनी का त्यौहार मनाया जाएगा। आचार्य सुजीत शास्त्री(मिट्ठू बाबा) ने बताया कि इस दिन शतभिषा नक्षत्र, शुक्ल योग, सिद्ध योग एवं अति शुभकारी त्रिपुष्कर योग का संयोग रहेगा। ऐसे उत्तम संयोग में धर्म कार्य करना मंगलकारी होगा। सनातन धर्मावलंबी इस दिन सूर्य देव की कृपा पाने और पितरों को संतुष्ट करने के लिए सत्तू, गुड, चना, पंखा, मिट्टी के घड़े में पानी, आम, मौसमी फल आदि दान करेंगे। जुड़शीतल पर्व का मिथिला में काफी महत्व है। यह पर्व पूर्व...
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