जमशेदपुर, अप्रैल 15 -- जमशेदपुर में एक बार फिर पारंपरिक लोक गीतों और मांदर की थाप गूंजने वाली है। अपनी समृद्ध विरासत को संरक्षित करने और आधुनिकता की दौड़ में पीछे छूट रही युवा पीढ़ी को जड़ों से जोड़ने के संकल्प के साथ आगामी 16 अप्रैल को बिष्टुपुर स्थित रीगल मैदान में भव्य 'आदिवासी सेमलेद 2026' का आयोजन किया जा रहा है। इस समागम का मुख्य उद्देश्य शहरों में बस रहे आदिवासी युवाओं के भीतर अपनी विशिष्ट पहचान और गौरव की भावना को जाग्रत करना है। यह आयोजन महज एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की एकजुटता और अस्मिता को प्रदर्शित करने का एक सशक्त वैचारिक मंच साबित होगा। कार्यक्रम में राज्य के मंत्रियों, विधायकों और प्रबुद्ध सामाजिक चिंतकों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। पारंपरिक नृत्य और जीवंत सांस्कृतिक झांकियां इस समारोह का मुख्य आकर्षण रहे...
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