लखनऊ, फरवरी 3 -- 16वें वित्त आयोग ने सभी राज्यों को बिजली कंपनियों के निजीकरण की सिफारिश की है। आयोग ने रिपोर्ट में कहा है कि सभी राज्यों को अपने डिस्कॉम के निजीकरण के लिए सक्रिय रूप से प्रयास करने चाहिए। डिस्कॉम के अधिग्रहण के बाद निजी निवेशकों को संचित ऋण भार से बचाने के लिए राज्यों द्वारा एक विशेष प्रयोजन व्यवस्था (एसपीवी) बनाई जा सकती है, जिसमें पुराने ऋण को समाहित किया जाए। केंद्र सरकार को राज्य द्वारा इस ऋण के पूर्व भुगतान या अंतिम पुनर्भुगतान पर पूंजी निवेश के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना के तहत सहायता देने की भी सिफारिश की गई है। वित्त आयोग ने यह भी माना है कि राज्यों पर बिजली सब्सिडी का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2018-19 में कुल विद्युत सब्सिडी 1,29,322 करोड़ रुपये थी, जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 2,62,276 करोड़ हो गई। इसके अतिर...