हजारीबाग, जून 9 -- हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ ही हजारीबाग के सरकारी विद्यालयों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब सरकारी स्कूल न केवल शिक्षा का केंद्र हैं, बल्कि सुविधाओं के मामले में कई निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। सत्र की शुरुआत के साथ ही जिले के 1,500 से अधिक सरकारी विद्यालयों में 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें और बैग मिलने से स्कूलों में नई रौनक है। अक्सर अभिभावक निजी स्कूलों की चकाचौंध के पीछे भागते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। निजी स्कूलों में हर साल फीस में भारी बढ़ोतरी और महंगी किताबों के नाम पर होने वाली लूट से आम आदमी का बजट बिगड़ जाता है। इसके विपरीत, सरकारी स्कूलों में न केवल शिक्षा पूर्णतः नि:शुल्क है, बल्कि यहाँ मिलने वाली सुविधाएँ अब निजी संस्थानों स...