सहरसा, जुलाई 18 -- सहरसा, हिन्दुस्तान टीम। जिले में गलत रूप से प्रमोशन और वेतन बढ़ोत्तरी लेने वाले शिक्षकों के सैलरी पर ब्रेक लग सकता है। जिले के डेढ़ सौ से अधिक शिक्षकों के 10 से पंद्रह हजार रूपये के वेतन बढ़ोत्तरी पर भी रोक लग सकती है। इतना ही नहीं शिक्षकों के वेतन से भी 25 करोड़ से अधिक की राशि की रिकवरी भी हो सकती है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के निदेशक ने राघवेन्द्र बनाम राज्य सरकार के हाइकोर्ट के फैसले के आलोक में दिशा निर्देश जारी किया है। पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी अनिल कुमार द्वारा राघवेंद्र शर्मा मामले तहत पारित आदेश का गलत व्याख्या कर वर्ष 94 से मैट्रिक प्रशिक्षित मानकर कर शिक्षकों को प्रमोशन का लाभ दे दिया गया। जबकि ऐसे शिक्षकों का प्रशिक्षण की समाप्ति वर्ष 99 में हुई और प्रशिक्षण रिजल्ट वर्ष 2002-2003 में आया। हालांकि रिजल्ट...