15 हजार की आबादी वाले अहिरौलीदान का भूगोल बदलती रही गंडक
कुशीनगर, अक्टूबर 6 -- कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। कभी 22 टोलों में फैला और करीब 15 हजार की आबादी वाला अहिरौलीदान अब गंडक की बदलती धारा के निशान समेटे हुए है। डेढ़ दशक में नदी ने गांव का भूगोल कई बार बदला। जहां कभी खेत और बस्तियां थीं, वहां अब नदी बह रही है। साल 2012 के बाद नदी की धारा गांव की ओर खिसकती गई और देखते ही देखते कई टोले उसके कटान की भेंट चढ़ गए। अब पानी घटने के बाद खैरखुटा में बैक रोलिंग ने फिर खतरे की घंटी बजा दी है और कटान आबादी के करीब पहुंच गया है। यह भी पढ़ें- Kushinagar News: नदी का रुख बदले से खैरखुटा के सामने तटबंध पर मंडराया खतराकटान का हाल ग्रामीणों का कहना है कि 2012 की भीषण बाढ़ में बैरिया, कंचन और चित्तू टोले का अस्तित्व नदी में विलीन हो गया। इसी दौर में डीह, कचहरी, खैरखुटा और नोनियापट्टी टोले भी कटान की चपेट में आए...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.