नई दिल्ली, जुलाई 30 -- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की रहने वाली हर्षिता अरोड़ा की कहानी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है, खासकर उनके लिए जो पारंपरिक रास्तों से हटकर कुछ बड़ा करना चाहते हैं। महज 13 साल की उम्र में उन्होंने कोडिंग सीखना शुरू किया और 15 साल की उम्र में ऐसा फैसला लिया, जिसने परिवार और शिक्षकों को चौंका दिया। उन्होंने स्कूल छोड़कर पूरी तरह प्रोग्रामिंग और टेक्नोलॉजी की दुनिया में करियर बनाने का फैसला किया। उस समय शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि एक दिन वह हजारों करोड़ रुपये की कंपनी खड़ी करेंगी और दुनिया की सफल युवा उद्यमियों में अपनी पहचान बनाएंगी।16 साल की उम्र में बनाया ऐप बचपन से ही हर्षिता का लक्ष्य साफ था कि वह केवल किताबों से पढ़ना नहीं, बल्कि नई तकनीक विकसित करना और उपयोगी प्रोडक्ट बनाना चाहती थीं। स्कूल छोड़ने क...