15 साल की उम्र में खाई अंग्रेजों की गोली, आजादी के बाद ही लौटे घर
सीवान, अगस्त 12 -- वीरेन्द्र कुमार तिवारी जीरादेई। आजादी की लड़ाई में सीवान की धरती ने भी कई वीर सपूतों को जन्म दिया। इनमें कई ऐसे स्वतंत्रता सेनानी रहे, जिनका योगदान इतिहास के पन्नों में भले ही सीमित रह गया, लेकिन उनकी संघर्षगाथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। जीरादेई प्रखंड के जामापुर निवासी स्वतंत्रता सेनानी सत्यनारायण साह भी ऐसे ही गुमनाम नायकों में शामिल रहे।
अगस्त क्रांति का हिस्सा महज 15 वर्ष की उम्र में 12 अगस्त 1942 को भंटापोखर स्टेशन पर अंग्रेजी सैनिकों की गोली से घायल होने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। घायल अवस्था में इलाज कराया और फिर भूमिगत होकर अगस्त क्रांति की गतिविधियों में शामिल रहे। देश आजाद होने के बाद वर्ष 1947 में ही वे अपने घर लौटे। स्कूल की घंटी बजाई, साथियों के साथ निकले आंदोलन में अगस्त क्रांति के दौ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.