प्रयागराज, मार्च 13 -- प्रयागराज, संवाददाता। सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने के साथ ही खरमास पंद्रह मार्च से शुरू होने जा रहा है। खरमास की शुरुआत होते ही शादी ब्याह, गृह प्रवेश, मुंडन, भूमि पूजन व उपनयन संस्कार जैसे मांगलिक कार्यों पर एक माह तक रोक लग जाएगी। शहनाई की गूंज का दौर भी समाप्त हो जाएगा। श्री स्वामी नरोत्तमानंद गिरि वेद विद्यालय के प्राचार्य ब्रज मोहन पांडेय ने बताया कि खरमास का समापन 14 अप्रैल को होगा, जब सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेंगे।खरमास के दौरान धार्मिक अनुष्ठान जैसे श्रीमद्भागवत कथा सुनना, सत्यनारायण कथा व सूर्यदेव की उपासना करना अत्यंत फलदायी होता है। इस में गुड़, घी, अनाज व वस्त्रों का दान विशेष महत्व रखता है। खरमास के समाप्त होते ही पंद्रह अप्रैल से फिर मांगलिक कार्यों के लिए शुभ व श्रेष्ठ मुहूर्त मिलने ...
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