लखनऊ, जुलाई 6 -- एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने सुनाई सजा सभी पर 28-28 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया लखनऊ, विधि संवाददाता।

सजा का विवरण भारत बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारत में प्रवेश कर अपनी पहचान बदलकर भारतीय नागरिक रूप में स्थापित करने के लिए फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं पासपोर्ट बनवाने के आरोपी महफुजुर रहमान समेत 15 बांग्लादेशी को एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने पांच साल के कठोर कारावास और प्रत्येक को 28 हजार रुपए की जुर्माने की सजा सुनाई है।

अपराधियों की पहचान एनआईए की अदालत में जिन बांग्लादेशी एवं रोहिंग्याओं को कैद की सजा सुनाई गई है। उसमें सभी लोग बांग्लादेश से आकर पश्चिम बंगाल में चोरी छुपे रह रहे थे। अदालत में जिन आरोपियों को सजा सुनाई, उनमें महफूजुर रहमान, खोखन सरदार उर्फ मोहम्मद कयूम अंसारी, जमी...