जौनपुर, अप्रैल 15 -- फोटो-01 जौनपुर, संवाददाता।हर साल जब रबी की फसल खेतों में सुनहरे रंग बिखेरती है और किसान की आंखों में सालभर के मेहनत की चमक उतरती है, तभी गांव के खेतों से धुएं का काला गुबार उठता है, फसल में लगी आग का। यह आग सिर्फ फसल को नहीं जलाती, बल्कि किसान की आत्मा को भस्म कर देती है। जिले के ग्रामीण परिदृश्य में यह कोई नई घटना नहीं, बल्कि एक भीषण और बढ़ती हुई समस्या है जो नीतियों की लाचारी, तकनीकी उपेक्षा और प्रशासनिक सुस्ती की जिंदा मिसाल बन चुकी है। इस साल 29 मार्च से 13 अप्रैल के बीच 65 बीघे से अधिक गेहूं की फसल जलकर राख हो चुकी है।भीषण यह भी पढ़ें- सीमिति संसाधनों से जिले में आग पर पाया जा रहा काबू गर्मी के प्रकोप से एक चिंगारी भी भभक कर विकराल रूप धारण कर ले रही है। जिले में इस समय आगजनी की घटनाएं चरम पर है। प्रतिदिन करीब चा...
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