लखनऊ, नवम्बर 27 -- नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक को 15 दिन से अधिक समय बीत चुका है लेकिन अभी तक बैठक के मिनट्स जारी नहीं हो पाए हैं। सड़कों, नाले-नालियों, पुलिया और स्ट्रीट लाइट के बजट पर मुहर लग चुकी है, पर एक फाइल पर हस्ताक्षर न होने के कारण पूरा शहर परेशानी झेल रहा है। महापौर और नगर आयुक्त के हस्ताक्षर होने हैं लेकिन गुरुवार की शाम तक भी दस्तखत नहीं हो पाए। यह स्थिति बताती है कि राजधानी का विकास काम कागज़ों पर तो होता है, पर जमीन पर लटका रहता है। विकास के टेंडर भी फंसे: जब तक मिनट्स जारी नहीं होगा तब तक कोई टेंडर जारी नहीं किया जाएगा और विकास कार्य शुरू होना तो दूर की बात है। लोग रोजाना टूटी सड़कों पर गिर रहे हैं, पुलिया की खराब हालत से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, नालों की गंदगी से आबोहवा बदबूदार हो रही है और अंधेरी गलियां असुरक्षा का कारण ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.