15 दिनों में 7 लोगों की मौत, कागजों में नो-एंट्री, नियम बेअसर
मुंगेर, मई 16 -- मुंगेर, निज संवाददाता। मुंगेर जिले में इन दिनों नेशनल हाईवे (एनएच) मौत का गलियारा बन चुका है। सड़कों पर बेलगाम दौड़ते भारी वाहन और प्रशासन की शिथिलता ने आम जनता का सड़क पर चलना मुहाल कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में हुए दर्दनाक हादसों ने जिले के ट्रैफिक प्लान की पोल खोल कर रख दी है। स्थिति यह है कि विक्रमशिला पुल टूटने के बाद एनएच 80 पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। ऐसे में नो-एंट्री के नियम सिर्फ फाइलों में दबे हैं और जमीनी हकीकत में भारी वाहन दिन-दहाड़े सड़कों पर कहर बरपा रहे हैं। मई की शुरुआत ही मुंगेर के लिए हादसों वाली रही है। बीते एक पखवाड़े के आंकड़ों पर नजर डालें तो हर दूसरे-तीसरे दिन किसी न किसी घर का चिराग सड़क पर बुझ रहा है।
हादसों की स्थिति तिथि स्थान/हॉटस्पॉट हादसे की वजह हताहत 05 मई एनएच-80, बरियारपुर ट्रक-ऑटो की भी...
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