नई दिल्ली, जुलाई 19 -- हैदराबाद की एक मां चार बच्चों को छोड़कर बेहतर जीवन की तलाश में ओमान गई, लेकिन वहां उसे नर्क की जिंदगी मिली। रोजाना 15 घंटे की मजदूरी, चार महीने से एक पैसा वेतन नहीं, खाना-रहने की कोई व्यवस्था नहीं और लगातार शारीरिक-मानसिक यातनाएं। टॉर्चर से परेशान होकर हैदराबाद की शबनम बेगम 15 दिन पहले अपने मालिक के घर से भाग निकलीं और फिलहाल मस्कट के भारतीय दूतावास में शरण लिए हुए हैं। अब वह अपने देश लौटने के लिए गुहार लगा रही है। बताया जा रहा है कि शबनम बेगम, हैदराबाद के पहाड़ी शरीफ इलाके की रहने वाली हैं। उनके परिवार के अनुसार, 26 मार्च 2026 को वे मस्कट पहुंची थीं। स्थानीय एजेंट अरशद ने उन्हें हाउसमेड (घरेलू नौकरानी) की नौकरी का ऑफर दिया था। परिवार को आश्वासन दिया गया था कि उन्हें 200 ओमानी रियाल (लगभग 43000 रुपये) मासिक वेतन मिल...