फतेहपुर, अप्रैल 5 -- फतेहपुर। मौरंग खदानों से जहां सरकार की झोली भर रही है,वहीं खदानों से निकलने वाले वाहन दोआबा के 15 कस्बों को रौंदते हुए करीब पांच लाख से अधिक की आबादी को खतरे में डाल रहे है। इन वाहनों कस्बे धूल धूसरित हो यहां लोगों को बीमारी की जद ढकेल रहे हैं, कोई खांसी का शिकार हैं तो कोई एलर्जी से परेशान। कस्बों में जाम की समस्या आम है। लोग हादसों के शिकार हो रहे हैं, कई की जान भी जा चुकी हैं। समस्या से लोगों में गहरी नाराजगी है। असोथर कस्बा निवासी राजेश सिंह बताते हैं कि मर्का खदान से डेली सैकड़ों की संख्या में मौरंग वाहन निकलते हैं। धूल के कारण दुकान में बैठना मुश्किल है। मजबूरी में बैठने के कारण एलर्जी का शिकार हैं। डाक्टर से धूल से परहेज करने की सलाह दे रहे हैं लेकिन सड़क किनारे आवास होने से दूसरा कोई विकल्प नहीं है। वहीं ललौली...
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