हाथरस, मार्च 23 -- हाथरस। बृज की देहरी हाथरस को मेला और शोभायात्राओं की नगरी भी कहा जाता है। इनमें से एक है श्रीराम नवमी के मौके पर निकलने वाली भगवान श्रीराम की तिमंजिला रथयात्रा। रथयात्रा का अतीत 145 वर्ष पुराना है। इस बार भी शुक्रवार को रामनवमी के मौके पर मूंछों वाले रामजी तिमंजिला रथ में सवार होकर भक्तों को दर्शन देंगे। रथ यात्रा का शुभारंभ शहर के चामड़ गेट स्थित गमेल वाली बगीची से होगा। इस रथयात्रा का अतीत काफी गौरवशाली है। शहर के बुजुर्ग बताते हैं कि 145 वर्ष पूर्व शहर के सेठ बैनीराम पोद्दार अपने मित्रों के साथ वृंदावन में रंगनाथ जी की रथयात्रा देखने के लिए गए थे। उनके साथ गए लोगों ने वहां लगी भीड़ में कहा कि हटो-हटो सेठ जी दर्शन करने आ रहे हैं। दर्शन करने आए कुछ लोगों ने कहा कि इतने बड़े सेठ हैं तो अपने शहर में मेला क्यों नहीं निकलव...
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