लखनऊ, अगस्त 25 -- पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया 145 दिन में पूरी होनी थी। हालांकि, 150 दिन बीत जाने के बाद अब तक पावर कॉरपोरेशन निजीकरण के मसौदा ही अंतिम रूप से तैयार नहीं कर सका है। निजीकरण की टाइम लाइन एनर्जी टास्क फोर्स ने तय की थी। इसके लिए 25 मार्च को ग्राट थॉर्नटन को सलाहकार नियुक्त किया गया था। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि मसौदे को अंतिम रूप देना तो दूर की बात है, इन 150 दिनों में सलाहकार कंपनी खुद को दोषमुक्त तक साबित नहीं करवा सकी। उसने झूठा हलफनामा देकर सलाहकार का टेंडर लिया था। निजीकरण की प्रक्रिया को 9 महीने बीतने को हैं। बिजली कर्मचारी और उपभोक्ताओं में निजीकरण की प्रक्रिया को लेकर नाराजगी है। जब मियाद बीत चुकी है तो पावर कॉरपोरेशन को इस पूरी प्रक्रिय...
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