कौशाम्बी, अप्रैल 2 -- चरवा के बरियांवा गांव में रामसजीवन और भैय्यन के बीच खूनी रंजिश चल रही थी। लगभग 14 साल पहले रामसजीवन के परिवार के एक युवक की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद भैय्यन का परिवार गांव छोड़कर चला गया था। प्रधानी के चुनाव में वह परिवार समेत लौटा था। लेकिन पुरानी रंजिश को लेकर दोनों परिवारों के बीच टशन बरकरार थी, जो गुरुवार को खुलकर सामने आ गई। रामसजीवन और भैय्यन के बीच पुरानी रंजिश है। वर्ष 2012 में रामसजीवन के पोते धर्मेंद्र की हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप भैय्यन व उसके परिजनों पर लगा था। धर्मेंद्र की हत्या के बाद भैय्यन अपने परिवार समेत गांव छोड़कर पिपरी के अकबरपुर मिर्जापुर गांव जाकर बस गया था। वर्ष 2021 में प्रधानी के चुनाव में गांव के ही लोगों ने किसी तरह मान-मनौव्वल कर उसे बुला लिया था। इसके बाद से भैय्यन परिवार समेत यही...