जमशेदपुर, सितम्बर 12 -- कभी कोल्हान और आसपास के जंगलों में नक्सली संगठन के लिए बंदूक उठाने वाला कान्हू मुंडा अब हिंसा का रास्ता छोड़कर आम लोगों के बीच रहना चाहता है। शुक्रवार को पुरुलिया के एक मामले में जमानत मिलने के बाद करीब नौ साल की कानूनी लड़ाई के बाद वह जेल से बाहर आया और गुड़ाबांदा स्थित अपने घर पहुंचा। परिजनों और ग्रामीणों ने उसका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। कान्हू मुंडा ने कहा कि अब वह हिंसा की जिंदगी में वापस नहीं जाना चाहता। वह लोगों के बीच रहकर उनकी सेवा करना चाहता है और सक्रिय राजनीति में आने की इच्छा रखता है। कभी माओवादी संगठन का एरिया कमांडर और जोनल सचिव रह चुका कान्हू अब अपने लिए बिल्कुल अलग रास्ता चुनना चाहता है। यह भी पढ़ें- ड्यूटी पर लौटने से एक दिन पहले जंगल में मिली लाश, फौजी की मौत पर उठ रहे 4 सवाल25 लाख का इनामी ...