अलीगढ़, मार्च 13 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। मां दुर्गा की पूजा अर्चना के लिए वर्ष में चार बार चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ महीने में नवरात्रि पर्व मनाया जाता है। इनमें आषाढ़ और माघ की नवरात्र को गुप्त नवरात्र कहा जाता है। वैदिक सनातन में नवसंवत्सर का आरंभ चैत्र नवरात्रि से होने के कारण यह अत्यंत पवित्र और शुभ पर्व माना जाता है। इस बार चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 19 मार्च से हो रहा है। साथ ही प्रकृति में अद्भुत छटाओं के साथ नववर्ष का आरंभ भी इस दिन होगा। वैदिक ज्योतिष संस्थान के प्रमुख स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने बताया कि इस बार ज्योतिषीय महत्व के अनुसार कलश स्थापना के दो शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, इसके साथ ही लगभग 72 वर्षों बाद कलश स्थापना अमावस्या तिथि में की जाएगी। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 06:52 मिनट से शुरु होकर अगले...