नई दिल्ली, जून 11 -- वैदिक ज्योतिष में गुरु ग्रह को शुभ ग्रह माना जाता है। गुरु को विवाह, संतान, शिक्षा, धर्म और भाग्य का कारक माना गया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 14 जुलाई 2026 से 12 अगस्त 2026 तक गुरु अस्त रहेंगे। इस अवधि में गुरु सूर्य के बेहद करीब पहुंच जाएंगे, जिस वजह से उनकी चमक दिखाई नहीं देगी। इसी स्थिति को गुरु अस्त या गुरु तारा डूबना कहा जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जब तक गुरु अस्त रहते हैं तब तक कई तरह के मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। इसलिए इस बार भी करीब एक महीने तक विवाह और अन्य शुभ कार्यों पर विराम लग सकता है। खास बात यह है कि गुरु इस समय कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, जिसे उनकी उच्च राशि माना जाता है।इन कार्यों को टालने की दी जाती है सलाह ज्योतिष शास्त्र में गुरु अस्त की अवधि को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं ...