बरेली, दिसम्बर 12 -- बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। देवोत्थानी एकादशी से शुरू हुए मांगलिक कार्यों पर 12 दिसंबर से 50 दिनों के लिए विराम लग गया। इसके साथ ही शहनाइयों की गूंज भी थम जाएगा। इस वर्ष का अंतिम विवाह मुहूर्त 11 दिसंबर को था। इसके बाद अब तीन फरवरी से विवाह मुहूर्त शुरू होंगे। 14 दिसंबर पौष मास कृष्ण पक्ष दशमी रविवार से शुक्र ग्रह पूर्व में अस्त हो जाएंगे। जो लगभग 47 दिन बाद 30 जनवरी 2026 माघ मास शुक्ल पक्ष द्वादशी शुक्रवार को पश्चिम दिशा में उदय होंगे। ज्योतिष के अनुसार शुक्र अस्त से तीन दिन पहले और शुक्र उदय के तीन दिन बाद तक विवाह मुहूर्त नहीं होते हैं। इसके चलते 50 दिनों तक विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं होंगे। वही भुवन भास्कर सूर्य देव भी 16 दिसंबर को गुरुदेव की धनु राशि में प्रवेश करेंगे और सूर्य देव इसी राशि में 14 जनवरी तक यानी एक ...
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