14 अगस्त 1942 को अंग्रेजों की गोली से शहीद हुए थे ललऊ मिश्र
गंगापार, अगस्त 13 -- करमा, हिन्दुस्तान संवाद। भारत को गुलामी की जंजीर से मुक्त कराने में देश के अनेक देशभक्तों ने अपने प्राण निछावर कर दिए वही 1942 में अंग्रेजों के विरुद्ध आंदोलन करते हुए करमा के लाल ललऊ मिश्र ने अंग्रेजों की गोली से अपने प्राण गंवाकर क्षेत्र को गौरवान्वित किया। 14 अगस्त 1942 को देश के लिए शहीद होकर ललऊ ने जो इतिहास बनाया उसे याद करके आज भी क्षेत्र के युवक रोमांचित हो उठते हैं। पंडित राम प्रसाद मिश्र उर्फ ललऊ का जन्म 1904 में हुआ था। उनके पिता का नाम सरयू प्रसाद मिश्र तथा मां का नाम रुक्मिणी देवी था। उस समय देश मे अंग्रेज हुकूमत के विरुद्ध जगह-जगह आंदोलन चलाए जा रहे थे। यह भी पढ़ें- Siwan News स्वतंत्रता संग्राम में रामचन्द्र राय को मिली थी कठोर कारावास की सजा करमा के कुछ युवकों ने देश के लिए कुछ करने के जज्बे से एक टीम ...
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