बांदा, अप्रैल 17 -- बदौसा। मध्ययुगीन वास्तु शिल्पकला की बेमिशाल धरोहर बिल्हरिया मठ का असितत्व शाशन, प्रशासन की अनदेखी से नष्ट होने की कगार पर है। 13 सौ वर्ष पुराने चंदेल साम्राज्य की यशोगाथा का वर्णन करती यह धरोहर पर्याप्त संरक्षण और देखरेख के अभाव में जर्जर हो गई है। एमपी की सीमा से लगे जिले के अंतिम छोर फतेहगंज के जंगल किनारे पहाड़ी में स्थित बिल्हरिया मठ जर्जर काया लिए वर्षो पहले चंदेल नरेशो द्वारा बनवाए गया यह मठ अब अंतिम सांसे गिन रहा है। खजुराहो शैली में बने नक्कासी और खूबसूरती की मिसाल मठ को भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किया गया है। यह भी पढ़ें- पुरानी पांडुलिपियों को संरक्षित करने के लिए अधिकारी पहुंचे मठ बिल्हरिया मठ वास्तुशिल्प और मूर्ति शिल्प की दृष्टि से खजुराहो में बने मंदिर की तरह दिखते हैं। मठ का शिखर नष्ट हो चुका ह...
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