नई दिल्ली, सितम्बर 28 -- हेमलता कौशिश दिल्ली हाई कोर्ट ने एक शख्स को रेप के मामले में 2013 में सुनाई गई सजा रद्द कर दी है। हाई कोर्ट ने पीड़िता के बयान में अहम विसंगतियां और उसके बयान और मेडिकल, फोरेंसिक और दस्तावेजी सबूतों के बीच विरोधाभास पाया है। जस्टिस विमल कुमार यादव की पीठ उस अपील पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें एक शख्स को अपहरण, बलात्कार और आपराधिक साजिश के तहत दोषी ठहराया था। निचली अदालत ने दोषी को सात साल की जेल की सज़ा सुनाई थी। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि व्यक्ति पीड़िता को दिल्ली के एक बाजार से जबरदस्ती उत्तर प्रदेश ले गया, जहां उसे चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। वहां उसका यौन उत्पीड़न किया गया।पीड़िता के बयान पर टिका था मामला हाई कोर्ट की पीठ ने पाया कि कथित यौन उत्पीड़न के मामले में अभियोजन पक्ष का मामला मुख्य रूप से पीड़िता के...