बिजनौर, अप्रैल 19 -- स्योहारा। स्योहारा के मोहम्मद आरिश जमाल ने मात्र 13 वर्ष की आयु में कुरआन शरीफ को मुकम्मल हिफ्ज़ कर हाफ़िज़-ए-क़ुरआन की उपाधि हासिल की है। इस उपलब्धि पर मोहल्ला मिलकियान स्थित मस्जिद तक़ी सराय में एक दस्तारबंदी और दुआई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मुबारक मौके पर जामा मस्जिद के इमाम मौलाना इम्तियाज़ कासमी ने शिरकत की। उन्होंने कुरआन शरीफ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुरआन को हिफ्ज़ करना अल्लाह की ओर से एक बड़ा इनाम है। जो बच्चा कुरआन को कंठस्थ करता है, वह स्वयं के साथ-साथ अपने माता-पिता और समाज के लिए भी बरकत का जरिया बनता है। समारोह के समापन पर शहर इमाम मौलाना कामिल कासमी ने विशेष दुआ कराई। उन्होंने आरिश जमाल के उज्ज्वल भविष्य और देश-दुनिया में अमन-चैन की प्रार्थना की। इसी दौरान आरिश की दस्तारबंदी (पगड़ी पोशी) कर उन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.