नई दिल्ली, सितम्बर 11 -- Vakri Guru 2026: देवगुरु बृहस्पति समय-समय पर अपनी चाल या अवस्था में परिवर्तन करते रहते हैं। इस समय गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में हैं और 30 अक्टूबर तक इसी राशि में रहेंगे। इसके बाद 31 अक्टूबर को सूर्य की सिंह राशि में आ जाएंगे। गुरु सिंह राशि में आने के बाद अपनी चाल में बदलाव करेंगे। ज्योतिष गणना के अनुसार, 13 दिसंबर को गुरु सिंह राशि में ही वक्री होंगे यानी उलटी चाल शुरू करेंगे और करीब 121 दिन तक वक्री रहने के बाद 13 अप्रैल 2027 को मार्गी होंगे। साल के अंत में गुरु की चाल में होने वाला बदलाव मेष से लेकर मीन राशि को प्रभावित करेगा। कुछ राशियों के लिए गुरु की वक्री चाल लाभकारी और कुछ राशि वालों के लिए कष्टकारक साबित हो सकती है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि जब गुरु उलटी चाल शुरू करते हैं तो कई राशियों के लिए अच...