नई दिल्ली, अप्रैल 18 -- भारत के संसदीय इतिहास में 17 अप्रैल 2026 का दिन बेहद अहम बन गया है। 2014 में सत्ता में आने के बाद से पिछले 12 सालों में यह पहली बार है जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए (NDA) सरकार को लोकसभा के अंदर किसी बिल पर सीधी और बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। सरकार संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 को पास कराने में विफल रही, जिसके बाद उसे परिसीमन से जुड़े दो अन्य अहम बिल भी वापस लेने पड़े।क्या था 131वां संविधान संशोधन विधेयक? मोदी सरकार ने 2023 में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण कानून) पास कराया था, लेकिन इसे अगली जनगणना (2027) और परिसीमन के बाद लागू होना था। इस प्रक्रिया में हो रही देरी को देखते हुए सरकार 131वां संशोधन बिल लेकर आई थी। इस बिल के मुख्य उद्देश्य थे: सीटों में इजाफा: लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों ...