फतेहपुर, जून 13 -- औंग। अधिकारी सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कर सहेजने का फरमान जारी करते रहे लेकिन लेखपाल इन्हीं सरकारी जमीनों को चहेतों पर न्योछावर करते रहे है। सगे भाइयों व भतीजे के पास भूमिधरी, चार पहिया, पक्के मकान होने के बावजूद लेखपालों ने 12 साल में पट्टा के रूप में 53 बीघा जमीन आवंटित कर दिया। इसी परिवार पर भाऊपुर गांव में भी करीब 21 बीघा सरकारी जमीन कब्जाने का आरोप हैं। लेखपालों की तिकड़ी करती हैं खेल यह भी पढ़ें- समिति गठित हुई, आठ माह में कार्रवाई शून्यसरकारी जमीनों में हेरफेर सरकारी जमीनों को हेरफेर कर चहेतों के नाम कराने वाले लेखपालों की तिकड़ी राजस्व विभाग की व्यवस्था में हावी है। सूत्रों की मानें तो अभयपुर, थानपुर में तैनात लेखपाल का एक साथी बिंदकी तहसील में खतौनी दफ्तर में तैनात है। फील्ड के लेखपाल चहेतों के नाम पट्टे की ...