चतरा, अगस्त 20 -- मयूरहंड, प्रतिनिधि। कहते हैं भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं। न्याय की इस शाश्वत कहावत को सच साबित कर दिखाया है चतरा जिले के मयूरहंड प्रखंड अंतर्गत करमा गांव की रहने वाली महेशी देवी ने। करीब बारह साल तक अदालतों के चक्कर काटने, अपार मानसिक और आर्थिक संघर्षों का सामना करने के बाद आखिरकार सत्य की जीत हुई। रांची न्यायालय से अपने पक्ष में फैसला आने के बाद महेशी देवी की आंखों में खुशी के आंसू हैं। इस ऐतिहासिक फैसले ने न सिर्फ एक असहाय महिला को उसका हक दिलाया है, बल्कि न्याय व्यवस्था पर आम जनमानस के विश्वास को भी और अधिक मजबूत किया है। यह भी पढ़ें- Lakhimpur Khiri News: प्रशासनिक लापरवाही कोर्ट के आदेश के बाद भी पैमाइश अधर में करमा गांव निवासी सरयू यादव की पत्नी महेशी देवी और स्थानीय निवासी कालेश्वर ठाकुर के बीच एक जमीन के टुकड़े...