गाजीपुर, जुलाई 9 -- खानपुर, हिन्दुस्तान संवाद। इस वर्ष विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों पर 12 जुलाई से विराम लग जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आषाढ़ कृष्ण द्वादशी 12 जुलाई की सुबह 11:11 बजे से बृहस्पति का वार्धक्य आरंभ होगा। इसके बाद 15 जुलाई को मनोरथ द्वितीया के दिन बृहस्पति अस्त हो जाएंगे। इसके चलते देवशयनी एकादशी से लगभग 13 दिन पहले ही विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण और अन्य शुभ कार्यों के मुहूर्त समाप्त हो जाएंगे। पंडित वरुण त्रिपाठी ने बताया कि 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी से चातुर्मास का शुभारंभ होगा, जो 21 नवंबर को देवोत्थान एकादशी तक चलेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी कारण चार माह तक विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। इस अवधि में संत-महात्मा भ्रमण छोड़कर एक स्थान पर रहकर ज...