नई दिल्ली, जुलाई 24 -- नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट फॉर अंडरग्रेजुएट (NEET UG) देश में MBBS और BDS जैसे अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स के लिए एंट्रेंस एग्जाम है। यह हर साल होता है, जिसमें लाखों छात्र हिस्सा लेते हैं। ऐसे में जिन्हें इस परीक्षा में हिस्सा लेना होता है, वो कक्षा 8वीं या 9वीं से ही इसकी तैयारी में लग जाते हैं। लेकिन राजस्थान के बूंदी जिले के रहने वाले सूरज सैनी की कहानी काफी अलग है। उन्हें कक्षा 12वीं के पहले यह नहीं पता था कि नीट क्या होता है? ऐसे में उनके लिए नीट क्रैक कर पाना आसान नहीं था। लोग नीट की तैयारी करने के लिए महंगी कोचिंगों में दाखिला कराते हैं, जिनकी फीसें काफी महंगी होती हैं। लेकिन कहते हैं ना कि मेहनत के आगे सफलताएं घुटने टेक देती हैं। आज उसी मेहनत का नतीजा है कि उन्होंने NEET UG 2026 में 583 अंक हासिल किए ...